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Friday, February 21, 2020

{हक़ीक़त}

                              {हक़ीक़त}



हमारा देश भारत तमाम जातियों एवं धर्मों का मुल्क है,यही हमारे देश की सुंदरता है।
हजारों वर्षों से यहां के लोग एक दूसरे की सहायता एवं आपसी भाई चारा एक दूसरे के दुख व सुख में सम्मिलित होकर अपना जीवन यापन कर रहे हैं,समय समय पर भारत के लोगों को अग्नि पथ पर गुजरना पड़ा है,क्यूंकि कुछ लोगों और हुक्मरानों  ने अपनी राज गद्दी का आनंद लेने के लिए इन धर्मों को आपस लड़ाने का काम किया इस लिए की वह जानते थे अगर यह लोग एकता के साथ रहते हैं तो हम उसपर हुकूमत नहीं कर पाएंगे। इसलिए उन्होंने " लड़ाओ और राज करो" की नीति को अपनाया इसी नीति के तहत आज सरकार हमको लड़ाके राज करना चाहती है। जब जब भारत के वासियों ने यहां की हुकूमत से भारत की विकास की बात की है तो तुरंत ही हुकूमत ने हमको एक दूसरे से लड़वाने के लिए कोई न कोई खेल खेल जाती है।
आज जब देश सबसे खतरनाक दौर से गुजर रहा है, जब देश की G D P सबसे निचले स्तर पर है देश का अर्थवयवस्था चौपट हो चुका है, रोज़गार शून्य है,मेहंगाई आसमान की बलनदियों को छू रही है,आम जनता की सुरक्षा व्यवस्था की कोई नीति नहीं,तब हमारी सरकार हमको किया देती है?
नोट बंदी,राम मंदिर, तीन तलाक बिल, N R C, C A A, N P R, किया इससे हमारी समस्याओं का समाधान हो जाएगा? किया इस से G D P की हालत ठीक हो जाएगी? किया इससे  बेरोजगारी दूर हो जाएगी? इस से हमारे देश की अर्थवयवस्था मजबूत हो जाएगी?
जी नहीं! इस से देश का भला होने वाला नहीं बल्कि देश का  और भी ज़्यादा नुकसान होगा।
ये सब मुद्दे सरकार सिर्फ अपनी नाकामी को छुपाने के लिए ला रही है, ताकि हम सब को एक दूसरे से लडने की फुरसत न मिले, फुरसत मिलेगी तब ना हम उन से सवाल करेंगे।
इन सब में हमारे कुछ हिन्दुस्तानी मीडिया का भी पूरा सहयोग रहता है, उनको सरकार से सवाल पूछने की हिम्मत नहीं होती, हकीकत को सामने लाने से डरते हैं कहीं हुकूमत में बैठे उनके आका उनसे नाराज़ न हो जाएं,इन मेडियावों ने सिर्फ आम जनता की आवाज को दबाने के लिए हुकूमत से ठेका ले रखा है। यह ज़हरीले सांप से भी ज्यादा विशेले हैं,अगर भारती मीडिया ईमानदारी से रिपोर्टिंग करे तो यकीनन एक नया इन्कलाब आ सकता है।
मित्रों! एक बात ज़ेहन में डाल लें कि इस देश का विकास तभी मुमकिन है जब हम धार्मिक जंग को खतम करके सिर्फ एक हिंदुस्तान की बात करें,यह देश सबका है किसी धर्म या जाति विशेष को चोड़ कर या उसको वंचित रख कर इस देश की प्रगति संभव नहीं।
जो लोग एसा सोचते हैं वह देश के सबसे बड़े शत्रु हैं, अगर उसको देशद्रोही कहा जाए तो गलत न होगा। एसे लीडर को कभी भी सपोर्ट न करें जिनके पास धार्मिक और जाति वाद के सेवा कोई रणनीति न हो एसे लोग समाज का सबसे बड़ा दुश्मन हैं इनको हरगिज़ हुकूमत का बागडोर न संभालने दें।वरना यह लोग हमारे समाज को नफरतों की आग से जला देंगे।हम कफे अफसोस मलते रह जाएंगे।
अगर भारत को बर्बाद होने से बचाना है तो अाइए आज शपथ लें कि हम  देश को तोड़ने वालों को हरगिज़ कबूल नहीं करेंगे चाहे वह हिन्दू हो या मुसलमान।

धन्यवाद्,
M.AZAM

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