UrdHind News

I can write in different languages properly as Hindi,English and Urdu. I prepare my blog on attaractive and current topics.As,motivation, Education, Current affairs, Health and beauty, Politics, Religion, etcetera, Dear audience, If you want to read any your favourite topic, please intimate me. Insha Allah! I will write for you. No one can deny it, "Writing is companion of loneliness" Thank you.

Responsive Ads Here

Tuesday, April 7, 2020

मरकज निज़ामुद्दीन भारतीय मीडिया की साज़िश का शिकार।



अभी कई दिनों से भारती मीडिया की कुछ चैनलों पर सिर्फ एक ही बात पर डिबेट चल रहा है,वह मरकज निज़ामुद्दीन के संबंध में।

भारती मीडिया सिर्फ यह दिखाना और जताना चाह रही है कि corona वायरस के फैलने में सिर्फ मरकज वाले ज़िम्मेदार हैं। मरकज को टारगेट बनाकर वह देश के एक खास धर्म को पड़तारित कर रही है,

आम जनता के ज़ेहन को सरकार के द्वारा इस महामारी से निमटने और इसके लिए फेल रणनीतियों की विफलता को छुपाने आम जनता के ज़ेहन हाईजेक करने के लिए इस मुद्दे को इतना तूल दिया जा रहा है।
जो की सरकार की हर करप्शन और विफलता के समय हिन्दुस्तानी मीडिया करती आई है।

अफसोस की बात है कि कुछ पत्रकार सिर्फ इसलिए पत्रकारिता करते हैं कि वह सरकार के नाकामियों और असफल रणनीतियों का ठीकरा दूसरे के सर फोड़ सके, इन पत्रकारों को देश का विकास और उनकी तरक्की से कोई मतलब नहीं,बेरोजगारी,गिरती फाइनेंशियल कंडीशन,भूकमरी, मेहंगाई इनपे डिबेट करने और सरकार से इस संबंध में सवाल पूछने की हिम्मत नहीं होती,

हिम्मत हो भी कैसे वह पत्रकार इन्हीं नेताओं के फेके टुकड़े पर पलते हैं, और इनके इशारे पर दुम हिलाते हैं।
भला ऐसे पत्रकार सच का सामना कैसे करे जिन्होंने अपना ज़मीर बेच दिया हो।

अभी जब देश को ज़रूरत है बेहतर मेडिकल सिस्टम,महामारी से लडने के लिए खास किट्स, पी पी ई,डॉक्टर,बेहतर सुविधा,काम कर रहे डॉक्टर्स के लिए पूरी सुविधा,वायरस से बचने के लिए जरूरी चीजें,
इन सबको छोड़ कर भारती मीडिया मरकज के पीछे पड़ी हुई है, हांलांकि मरकज में रह रहे लोगों की जानकारी प्रशासन को पहले ही दे दी गई थी।

लेकिन प्रशासन ने अपनी गलती को कबूल करने के बजाय मरकज को ज़िम्मेदार ठहरा रही है,जो की किसी तरह दुरुस्त नहीं,

भारत में सिर्फ कुछ गिने चुने चैनल्स हैं जिन्होंने पत्रकारिता की लाज बचाए हुए हैं।

हमारे लिए जरूरी है कि ऐसे चैनल्स और पत्रकारों का बहिष्कार करें जो सदा देश को तोड़ने , आपस लडने लड़ाने,और नफरत बोने का काम करती है।
तभी हमारा देश विकसित हो सकता है।

No comments:

Post a Comment